
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) ने सभी देशों से व्यापार को खुला रखने का आग्रह करते हुए चेताया है कि दुनिया कोरोनावायरस महामारी से जूझ रही है, ऐसे में मेडिकल सप्लाई (चिकित्सा आपूर्ति) और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण के चलते स्थिति और खराब हो सकती है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में दोनों बहुपक्षीय संस्थानों की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट (मुख्य अर्थशास्त्री) गीता गोपीनाथ के हवाले से कहा, यह समय दुनिया भर में मेडिकल सप्लाई और आवश्यक उपकरणों के व्यापार को प्रतिबंधित करने का नहीं है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ये बेहद महत्वपूर्ण है कि यह एक ऐसा भविष्य न बन जाए, जहां हम वैश्वीकरण से प्राप्त सभी लाभों को उलट दें।
आईएमएफ में एशिया एंड पैसिफिक डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर केनेथ कांग ने उनकी टिप्पणी पर सहमति प्रकट करते हुए कहा, मेडिकल और हेल्थ प्रोडक्ट सबसे अधिक जरूरत वाले स्थानों पर पहुंचे इस बात को सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों को चाहिए कि वे चिकित्सा और स्वास्थ्य उत्पादों पर व्यापार को प्रतिबंधित करने से बचें।
विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने इस बीच शुक्रवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बड़े देशों को इस बात की प्रतिज्ञा लेने की आवश्यकता है कि वे ऐसे वक्त में आगे आएंगे और संकट का उपयोग बाजारों को बंद करने के लिए नहीं करेंगे।