
चक्रवात निसर्ग के मद्देनजर महाराष्ट्र, मुंबई और गुजरात में निर्बाध दूरसंचार कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने मंगलवार को अपनी तैयारियों के लिए सभी दूरसंचार सेवाओं और बुनियादी ढांचा प्रदाताओं के साथ बैठक की।
बैठक में टॉवर एंड इंफ्रास्ट्रक्च र प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (टीएआईपीए) और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) शामिल रहे।
टीएआईपीए के महानिदेशक टी.आर. दुआ ने कहा, “हमारे सभी आईपी (बुनियादी ढांचा प्रदाता) सदस्यों ने उन क्षेत्रों में चौबीसों घंटे कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा सभी बैकअप व्यवस्थाएं जैसे अतिरिक्त डीजी सेट, बैटरी बैंक, स्पेयर पार्ट्स, डीजल आदि सुनिश्चित करने की ओर ध्यान दिया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जो जिले चक्रवात निसागरा से प्रभावित हो सकते हैं, उनके लिए इन्फ्रा प्रदाताओं ने अतिरिक्त बचाव दल भी तैनात किए हैं, जो सभी प्रमुख जिलों के लिए स्टैंडबाय के तौर पर रखे गए हैं।
तूफान निसर्ग महाराष्ट्र, मुंबई और गुजरात के तटों की ओर बढ़ रहा है और इसके अगले 12 घंटों में एक चक्रवात के रूप में तेज होने की संभावना है। इसकी वजह से मंगलवार रात या बुधवार की सुबह मुंबई के करीब एक भूस्खलन (लैंडफॉल) होने की संभावना है।
टीएआईपीए के एक बयान में कहा गया है कि चक्रवात की वजह से दो मीटर ऊपर तक लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के निचले इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
यह उम्मीद की जा रही है कि तूफान से कच्चे घरों, झोपड़ियों को नुकसान पहुंचने के साथ ही बिजली और संचार की लाइनों व तटीय इलाकों की फसलों को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
दुआ ने कहा कि इन्फ्रा प्रदाताओं और टेलकोस ने मुख्य सचिवों और डीओटी से आवाजाही पर रोक लगाने के साथ ही अंतर-राज्य सामग्री पहुंचाने, ई-पास जारी करने की व्यवस्था और डीजल आपूर्ति की उपलब्धता के लिए अनुरोध किया है।
बयान में कहा गया है कि बैठक में गुजरात में राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियमों के अनुरूप एक टॉवर नीति को अधिसूचित करने पर जोर दिया गया, ताकि सुचारु नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।